Wednesday, 18 March 2020

Hanuman Chalisa

Shri Guru Charan Sarooja-Raj Nija Manu Mukura Sudhaari

Hanuman Chalisa lyrics in hindi

दोस्तों इस post में आपको सभी तरह के हनुमान चालीसा मिलेंगे जैसे की हनुमान चालीसा in Hindi, जय हनुमान चालीसा हिंदी भाषा में, sankat mochan hanuman chalisa , hanuman chalisa written , hanuman chalisa aarti , hanuman chalisa video mein , suresh wadkar shree hanuman chalisa , original hanuman chalisa mp3 download mr jatt,hanuman chalisa in hindi lyrics image,hanuman chalisa lyrics in english pdf, हनुमान चालीसा पाठ , हनुमान चालीसा पाठ हिंदी मै , हनुमान चालीसा आरती, हनुमान चालीसा आरती lyrics, आरती की जय हनुमान लला की lyrics in hindi,लता मंगेशकर आरती हनुमान जी की,भारत की जय हनुमान लला की आरती,आरती कीजै हनुमान लला की lyrics,हनुमान चालीसा एक भक्ति गीत है जो भगवान हनुमान, जो कि एक आदर्श भक्त के रूप में जाने जाते है, पर आधारित है। यह चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अवधी भाषा में लिखी गई एक कविता है। चालीसा शब्द हिन्दी में चालीस से लिया गया है, जिसका अर्थ 40 है, क्योंकि हनुमान चालीसा में 40 छन्द होते हैं। भगवान हनुमान के भक्त हिन्दी भाषा में उपलब्ध हनुमान चालीसा का अनुवाद भी देख सकते हैं।




Q.हनुमान चालीसा किसने और कब लिखी?

हनुमान चालीसा तुलसीदास जी की अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है।

Q.हनुमान चालीसा सुनने से क्या होता है?

हनुमान चालीसा पढ़ने से शनि ग्रह और साढे़ साती का प्रभाव कम होता है। हनुमान जी राम जी के परम भक्त हुए हैं। ... हनुमान-चालीसा एक ऐसी कृति है, जो हनुमान जी के माध्यम से व्यक्ति को उसके अंदर विद्यमान गुणों का बोध कराती है। इसके पाठ और मनन करने से बल बुद्धि जागृत होती है।

Q.हनुमान चालीसा में कितने दोहे हैं?

5. हनुमान चालीसा के पहले 10 चौपाई उनके शक्ति और ज्ञान का बखान करते हैं. 11 से 20 तक के चौपाई में उनके भगवान राम के बारे में कहा गया, जिसमें 11 से 15 तक चौपाई भगवान राम के भाई लक्ष्मण पर आधारित है. आखिर की चौपाई में तुलसीदास ने हनुमान जी की कृपा के बारे में कहा है.
"Hanuman chalisha Handi"
॥ दोहा ॥
श्री गुरु चरन सरोज रज,निज मनु मुकुर सुधारि।
बरनउं रघुबर विमल जसु,जो दायकु फल चारि॥

बुद्धिहीन तनु जानिकै,सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं,हरहु कलेश विकार॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा।अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

महावीर विक्रम बजरंगी।कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुवेसा।कानन कुण्डल कुंचित केसा॥

हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजै।काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
शंकर सुवन केसरीनन्दन।तेज प्रताप महा जग वन्दन॥

विद्यावान गुणी अति चातुर।राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।राम लखन सीता मन बसिया॥

सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा।विकट रुप धरि लंक जरावा॥
भीम रुप धरि असुर संहारे।रामचन्द्र के काज संवारे॥

लाय सजीवन लखन जियाये।श्रीरघुवीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

सहस बदन तुम्हरो यश गावैं।अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।नारद सारद सहित अहीसा॥

जम कुबेर दिकपाल जहां ते।कवि कोबिद कहि सके कहां ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना।लंकेश्वर भये सब जग जाना॥
जुग सहस्त्र योजन पर भानू ।लील्यो ताहि मधुर फ़ल जानू॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।जलधि लांघि गए अचरज नाहीं॥
दुर्गम काज जगत के जेते।सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

राम दुआरे तुम रखवारे।होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।तुम रक्षक काहू को डरना॥

आपन तेज सम्हारो आपै।तीनों लोक हांक तें कांपै॥
भूत पिशाच निकट नहिं आवै।महावीर जब नाम सुनावै॥

नासै रोग हरै सब पीरा।जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट ते हनुमान छुड़ावै।मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥

सब पर राम तपस्वी राजा।तिन के काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोई लावै।सोइ अमित जीवन फ़ल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा।है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु सन्त के तुम रखवारे।असुर निकन्दन राम दुलारे॥

अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।अस बर दीन जानकी माता॥
राम रसायन तुम्हरे पासा।सदा रहो रघुपति के दासा॥

तुम्हरे भजन राम को पावै।जनम जनम के दुख बिसरावै॥
अन्तकाल रघुबर पुर जाई।जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥

और देवता चित्त न धरई।हनुमत सेई सर्व सुख करई॥
संकट कटै मिटै सब पीरा।जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जय जय जय हनुमान गोसाई।कृपा करहु गुरुदेव की नाई॥
जो शत बार पाठ कर सोई।छूटहिं बंदि महा सुख होई॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा।कीजै नाथ ह्रदय महँ डेरा॥
॥ दोहा ॥
पवनतनय संकट हरन,मंगल मूरति रुप।
राम लखन सीता सहित,ह्रदय बसहु सुर भूप॥
"Hanuman chalisha english"
॥ Doha ॥
Shri Guru Charan Saroj Raj,Nij manu Mukuru Sudhaari।
Barnau Raghubar Bimal Jasu,Jo Daayeku Phal Chaari॥

Buddhiheen Tanu Jaanike,Sumirau Pavan-Kumaar।
Bal Buddhi Bidya Dehu Mohi,Harahu Kales Bikaar॥
॥ Chaupai ॥
Jai Hanuman Gyaan Gun Sagar।Jai Kapis Teehun Lok Ujagar॥
Ram Doot Atulit Bal Dhama।Anjani-Putra Pavansut Nama॥

Mahabir Bikram Bajrangi।Kumati Nivaar Sumati Ke Sangi॥
Kanchan Baran Biraaj Subesa।Kaanan Kundal Kunchit Kesa॥

Haath Bajra Aau Dhwaja Biraaje।Kaandhe Moonj Janeu Saaje॥
Sankar Suvan Kesarinandan।Tej Prataap Maha Jag Bandan॥

Bidyabaan Guni Ati Chaatur।Ram Kaaj Karibe Ko Aatur॥
Prabhu Charitra Sunibe Ko Rasiya।Ram Lakhan Sita Man Basiya॥

Sukshma Roop Dhari Siyahin Dikhawa।Bikat Roop Dhari Lanka Jarawa॥
Bheem Roop Dhari Asur Sanhaare।Ramchandra Ke Kaaj Sanwaare॥

Laaye Sajivan Lakhan Jiyaaye।Shri Raghubeer Harashi Ur Laaye॥
Raghupati Keenhi Bahut Badai।Tum Mum Priy Bharat Hi Sam Bhai॥

Sahas Badan Tumhro Jas Gaavein।As Kahi Shripati Kanth Lagavein॥
Sankadik Bramhadi Munisa।Narad Sarad Sahit Ahisa॥

Jam Kuber Digpaal Jahan Te।Kabi Kobid Kahi Sake Kahaan Te॥
Tum Upkaar Sugreevhin Kinha।Ram Milaaye Raajpad Dinha॥

Tumhro Mantra Vibhishan Maana।Lankeswar Bhaye Sab Jag Jana॥
Jug Sahastra Jojan Par Bhaanu।Lilyo Taahi Madhur Phal Jaanu॥

Prabhu Mudrika Meli Mukh Maahi।Jaldhi Laanghi Gaye Achraj Naahi॥
Durgam Kaaj Jagat Ke Jete।Sugam Anugraha Tumhre Tete॥

Ram Dooare Tum Rakhwaare।Hoat Na Aagya Binu Paisare॥
Sab Sukh Lahai Tumhari Sarna।Tum Rakhshak Kaahu Ko Darna॥

Aapan Tej Samharo Aapai।Teeno Lok Haank Te Kaanpen॥
Bhoot Pisaach Nikat Nahi Aave।Mahabir Jab Naam Sunave॥

Naasai Rog Harai Sab Peera।Japat Nirantar Hanumat Beera॥
Sankat Te Hanuman Chhoodave।Man Krama Bachan Dhyaan Jo Laave॥
Sab Par Raam Tapasvi Raja।

No comments:

Post a Comment